जमशेदपुर
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर BJP का पलटवार, अभय सिंह बोले- जनता के जनादेश का सम्मान करे कांग्रेस
जमशेदपुर में भाजपा ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया। प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने SIR का समर्थन करते हुए कांग्रेस से मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियां तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उठाने की बात कही।

मुख्य बातें
- भाजपा ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर पलटवार किया।
- अभय सिंह ने कांग्रेस से जनता के जनादेश का सम्मान करने को कहा।
- भाजपा ने SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया बताते हुए इसका समर्थन किया।
- अभय सिंह ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के लिए दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत करने की मांग की।
- भाजपा नेता ने पूर्व CEC एम. एस. गिल के राजनीतिक करियर का उदाहरण देकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।
- प्रेस वार्ता में भाजपा जमशेदपुर महानगर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
जमशेदपुर: भाजपा जमशेदपुर महानगर के साकची स्थित जिला कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन और संगठन की समीक्षा करनी चाहिए।
अभय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव का अंतिम फैसला मतदाता करते हैं और राजनीतिक दलों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी असफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ रही है।

SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची में छूटा है तो राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष तथ्यात्मक आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।
अभय सिंह ने कहा कि मृत, स्थानांतरित या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं से जुड़े मामलों की पहचान होने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई में सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से SIR की प्रक्रिया पर राजनीति करने के बजाय उपलब्ध प्रक्रिया का इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने मतदाता सूची और नागरिकता से जुड़े कुछ मामलों का भी उल्लेख किया। अभय सिंह ने दावा किया कि जमशेदपुर के गोलमुरी क्षेत्र में तीन अफगानी नागरिकों से जुड़े वोटर आईडी कार्ड मिलने की बात सामने आई है और इसकी जांच की जरूरत है। यह दावा भाजपा नेता द्वारा प्रेस वार्ता में किया गया; इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए नहीं हुई है।
M.S. गिल के उदाहरण से कांग्रेस पर सवाल
अभय सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास का भी हवाला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम. एस. गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद गिल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस आज चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है तो उसे अपने अतीत और ऐसे मामलों पर भी सार्वजनिक रूप से चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी शिकायत को राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के साथ संबंधित संस्थाओं के सामने रखा जाना चाहिए।
कांग्रेस से तथ्य और दस्तावेज रखने की मांग
अभय सिंह ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास मतदाता सूची या चुनाव प्रक्रिया में किसी गंभीर अनियमितता के प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित संवैधानिक संस्था के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर जनता के जनादेश पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को हर चुनाव के बाद चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपने संगठन और राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। भाजपा नेता ने दावा किया कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठाना राजनीतिक बहस को प्रभावित करने का प्रयास है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा और वरिष्ठ भाजपा नेता अंजन सरकार भी मौजूद रहे।
भाजपा ने कहा कि वह मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की प्रक्रिया में सहयोग के पक्ष में है और चुनाव से संबंधित शिकायतों को वैधानिक प्रक्रिया के जरिए उठाया जाना चाहिए।
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